Saturday, January 12, 2013

अपनो की विदाई पर कुछ पन्क्तियां

आप के होने खुशी इस कदर महकी
कि थम गये ओ पल जब कोई बात थी
भुल नही सकते आपकी ओ हसी की मह्फिले
आपके साथ जब फूलो की बरसात थी

आपके जाने का गम तो इस कदर सताएगा
कि हर पल एक  यूग नजर आएगा
कर लेंगे इन्तजाम इनसे जूझ लेने
आपकी यादो के सहारे इन्तजाम हो जाएगा

दिन गुजरे बस्तिया पसरी आपके साथ जो सुकून मिले
बहारो को भी तरस आये आपके कदमो मे ओ फूल मिले

जमाने भर की जुदाई छोड जा रहे है, न जाने कब मिलन होगा
उम्मीद है जब हम मिले, खुशियो भरा जीवन होगा







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