Sunday, January 29, 2017

सत्यऋषि वेदानंद दिव्य सतनाम सन्देश

सतनाम महामन्त्र ज्ञानधर्म दर्शन का एक व्यापक अध्ययन ।
                सत्यऋषि वेदानंद दिव्य जी के सतनाम दर्शन।
जय सतनाम,सन्त समाज,जिस तरह किसी पेड़ पौधों को जिंदा
रखना होताहै, और उसे पल्लवित तथा पुष्पित देखना चाहते है
तो उसके जड़ मे पानी डालना पड़ता हैं।ठीक उसी तरह किसी
सन्त ,गुरुओं और महापुरुषों के या किसी सद्धर्म दर्शन ,संस्कृति संस्कार को पुनर्जीवित या जिन्दा करना होता हैं, और
उसे प्राणवान,ऊर्जावान बनाना चाहते है, तथा हरा भरा एवं
फलता,फूलता देखना चाहते है तो उसके धर्म संस्थापक के
मूल सन्देश ,उपदेश उनके वाणी विचार धारा को और उस धर्म
के प्राचीन प्रथा ,पर्व,त्यौहार परम्पराओं,मान्यताओं,आदर्शों एवं
सिद्धान्तों का दृढ़ता पूर्वक परिपालन करते हुये सतत प्रगति
की ओर आगे बढ़ते रहना होता हैं।साथ ही आपस के वैचारिक
टकराव,मनमुटाव ,मतभेदी दीवारों को तोड़कर अपने गुरु के
मानवतावादी विचार धारा को प्रचार प्रसार करने के लिए एक
एकजुट व संगठित होकर काम करनेI होगें।सतनाम महामन्त्र
ज्ञान को कभी भी किसी तरह के पूर्वाग्रह धारणा और संकीर्ण
मानसिकता से ऊपर उठकर उसे व्यापक दृष्टिकोण से जानने
का प्रयास कीजिये।जैसे
1,सतनाम प्राचीन  भारत का आदि अनादि सतधर्म था।
2,सतनाम सम्पूर्ण भारत के निवासियों का आदि गुरु मंत्र था।
3,सतनाम दर्शन भारत का अति प्राचीन सभ्यता,संस्कृति था।
4,सतनाम सृष्टि का सार और जगत का आधार मूल सत्ता है।
5,सतनाम हमारे आराधना उपासनाऔर आस्था का आधार है।
6,सतनाम आध्यात्मिकspiritual  ज्ञान का स्रोत हैं, पुँज है।
7,सतनाम सत्य है और यही सबके गति व प्रगति की जड़ है।
8,सतनाम हमारी आत्मा soul है, स्वभाव natureहै।
9 ,सतनाम आत्मा की परम् औषधि है, भवरोग की दवा है।
10,सतनाम सत्य अहिंसा परमो धर्महःहै।
11,सतनाम ज्ञान हमे कर्मयोग की शिक्षा देता हैं।
12,सतनाम ज्ञान हमे निर्भीक व साहसी बनाता है, अर्थात
हमारे भीतर के डर भय, भरम,शंका को दूर करता है।
13,सतनाम ज्ञान इसी धरा को स्वर्ग बनाने की सिख देता है।
14,सतनाम हमारे चरित्र,चिन्तन धारा को बदल देता है।
15,सतनाम हमरी चेतना की शिखर पर पहुँचा देता है।
16,सतनाम हमे जनों छानो तब मानो की वैज्ञानिक सोच देता है।17,सतनाम महामन्त्र ज्ञान एक बौद्धिक आंदोलन है।
18,सतनाम भीतर के आंतरिक शक्ति को जगाने की कुंजी है।
19,सतनाम महामन्त्र ज्ञान स्वयं मे एक मिशन है।
20,सतनाम स्वयं सिद्ध गुरु महामन्त्र है।
21,सतनाम ज्ञान हमे नशा पान से मुक्त करता हैं।
22,सतनाम आंदोलन राष्ट्रवाद का पोषक है, हिमायती है।
23,सतनाम हमारे व्यक्तित्व एवं विचारधारा को निखारता है।
24,सतनाम ज्ञान आत्मबल और मनोबल को बढ़ाता है।
25,सतनाम ज्ञान समाज में व्याप्त कुरीतियों से मुक्त करता है।
26,सतनाम महामन्त्र ज्ञान जात पात को तोड़ता है।
27,सतनाम ज्ञान आपस में प्रेंम भाई चारा से जोड़ता है।
28,सतनाम एक पवित्रम,दिव्यतम,चिन्तन धारा देता हैं।
29,सतनाम सर्व मानवता का गुरु बीज मंत्र है।
30,सतनाम सकारात्मक सोच व पॉजेटिव थॉट देता हैं।
31,सतनाम जीवन जीने की कला है,व तरीका सिखाता है।
32,सतनाम महामन्त्रज्ञान एक विशुद्ध सत् व्यवहार है।
33,सतनाम प्राचीन प्राण संजीवनी महामन्त्र है, विद्या है।
34,सतनाम मानवता का परम धर्म है।
35,सतनाम समतावादी विचार धारा है, दृष्टि कोण है।
36,सतनाम सद्गुरु है,हमे मुक्ति का मार्ग बताता हैं।
37,सतनाम महामन्त्र अमृत के धार है, प्राण के आधार है।
38,सतनाम सन्त गुरुओं,महंतों  का आराध्य महामन्त्र हैं।
39,सतनाम प्रेम,करुणा,दया,क्षमा,सत्य,अहिंसा मैत्री भाव है।
40,सतनाम ज्ञान सतयोग ध्यान समाधि का मार्ग बताता है।
41,सतनाम हमे जीते जी निर्वाण ज्ञान की ओर ले जाता हैं।
42,सतनाम सत्पुरुष सर्वोत्तम,सर्वश्रेष्ठ ,सर्वशक्तिमान सत्ता हैं।
सत्य ऋषि वेदानन्द जी के42 अमृत वाणी हैं।जो धारण और
आत्म सात करेगा ,उसके जीवन में जरूर बदलाव आयेंगे।
दिव्य वाणी,
सत्य ऋषि का सतनाम ज्ञान,सतनाम चेतना को जगाता है।
अन्धविश्वास भय भरम दूर करके,मानवता का पाठ पढ़ाता हैं।
जय सतनाम,सन्त समाज।

2 comments:

  1. यह पुस्तक कहां मिलेगा सर मैं खरीदना चाहता हूं
    9340798876

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  2. सत्सॠषि वेदान्त दिव्य सतनाम सन्देश का सभी पुस्तक लेना चाहता हूं गुरुजी कृपा बताएं ््
    9348798876

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