Sunday, January 29, 2017

अब हमला आजादी चाही

अब हमला आजादी चाही

जब तुहंला चाही आजादी।
तब हमला चाही आजादी।
जब इहंला चाही आजादी।
तब ऊहंला चाही आजादी।

हर तन ल चाही आजादी ।
हर मन ल चाही आजादी ।
जन-जन ल चाही आजादी।
सब झन ल चाही आजादी।

ये संत वाद ले आजादी ।
ये पंथ वाद ले आजादी ।
ये वंश वाद ले आजादी ।
गु  घंट वाद ले आजादी ।

ये सरग वाद ले आजादी।
ये नरक वाद ले आजादी।
पाप पुन्न वाद ले आजादी।
ये अरज वाद ले आजादी ।

भय भरम वाद ले आजादी।
पांय परन वाद ले आजादी।
जात-पात वाद ले आजादी।
ये  बरन  वाद  ले आजादी।

सामंत वाद ले आजादी ।
आतंकवाद  ले आजादी।
ये ढोंग वाद ले आजादी।
पाखण्ड वाद ले आजादी।

ये गिरौदपुर के आजादी।
ये भण्डारपुर के आजादी।
तेलासी धाम के आजादी।
ये नवलपुर  के आजादी।

ये खड़ुवा धाम के आजादी।
ये चटुवा धाम के आजादी ।
ये   कुटेला   के   आजादी ।
ये  चिरहुला   के  आजादी।

बोड़सरा बाड़ा के आजादी।
गुढ़ियारी बाड़ा के आजादी।
अमर   टापू   के   आजादी।
सेत   गंगा   के   आजादी ।

                      जे पी डहरे

No comments:

Post a Comment